पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात के समय वहां तिरंगा के न होने पर उठे विवाद को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को शांत करने की कोशिश की। सुषमा ने कहा कि नवाज शरीफ से उनकी मुलाकात द्विपक्षीय नहीं
थी। इसलिए वहां उनसे मुलाकात के समय राष्ट्रीय ध्वज नहीं लगाया गया था। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय मुलाकातों के समय दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज लगाने की परंपरा है।
विदेश मंत्री अपने पाकिस्तान दौरे के बारे में संसद को सोमवार को अवगत कराएंगी। सुषमा 'हर्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस' में शरीक होने के लिए बुधवार को पाकिस्तान गई थीं।
पाकिस्तानी पीएम शरीफ से मुलाकात के समय वहां तिरंगा नहीं था जबकि बैठक की जगह के दोनों तरफ पाकिस्तानी ध्वज लगाया गया था। कइयों को यह बात नागवार गुजरी और सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर इसे लेकर काफी आलोचना की गई।
I called on Prime Minister of Pakistan. This was not a bilateral meeting which has flags of both countries. pic.twitter.com/mCeqc7lHKt
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) December 11, 2015
सुषमा भारत-पाकिस्तान संबंधों में ताजा घटनाक्रम को लेकर संसद में सोमवार को बयान देंगी।
संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि सुषमाजी से बात हुई है। उन्होंने सोमवार को बयान देने का आग्रह किया है। राज्यसभा में उनका बयान 11 बजे और लोकसभा में दो बजे होगा। इसके बाद चर्चा करना चाहे तो वह भी हो सकती है।
सौगत राय ने कहा कि भारत-पाक मुद्दा गंभीर है और इस बारे में विदेश मंत्री इस्लामाबाद से लौट चुकी हैं और सदन को इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए।
भारत और पाकिस्तान ने समग्र द्विपक्षीय वार्ता को शुरू करने पर सहमति जतायी है और सुषमा स्वराज ने इस बात की पुष्टि की थी कि प्रधानमंत्री दक्षेस शिखर बैठक में भाग लेने के लिए अगले साल इस्लामाबाद की यात्रा पर जाएंगे।
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