राज्यभर
के विद्युत्कर्मियों ने 11 फरवरी से हड़ताल पर जाने का फैसला कर लिया है.
इस संबंध में बिजली कंपनियों के एमडी के साथ उनकी बैठक बेनतीजा रही है.
कर्मियों की 11 सूत्री मांगों में मुख्य रूप से ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मरनेवाले लोगों को समय पर मुआवजे का भुगतान करना शामिल है. बताया जा रहा है कि अब तक कुल 32 लोगों की जान ड्यूटी के दौरान जा चुकी हैं जिनके परिजनों को कोई मुआवजा तक नहीं मिल पाया है.
आरोप लगाया जा रहा है कि मौत होने के बाद काम कराने वाली एजेन्सी और कंपनी इन्हें अपना कर्मी तक मानने से इंकार कर देती है. राज्य में कुल साढ़े सात हजार कर्मी कार्यरत हैं और इनके हड़ताल पर जाने से बिजली व्यवस्था चरमराने की पूरी संभावना दिख रही है.
कर्मियों की 11 सूत्री मांगों में मुख्य रूप से ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मरनेवाले लोगों को समय पर मुआवजे का भुगतान करना शामिल है. बताया जा रहा है कि अब तक कुल 32 लोगों की जान ड्यूटी के दौरान जा चुकी हैं जिनके परिजनों को कोई मुआवजा तक नहीं मिल पाया है.
आरोप लगाया जा रहा है कि मौत होने के बाद काम कराने वाली एजेन्सी और कंपनी इन्हें अपना कर्मी तक मानने से इंकार कर देती है. राज्य में कुल साढ़े सात हजार कर्मी कार्यरत हैं और इनके हड़ताल पर जाने से बिजली व्यवस्था चरमराने की पूरी संभावना दिख रही है.