लोगों को खुश करने और उत्पादकता बढाने के लिए स्वेडन ने दिन में 6 घंटे काम करने का नियम लाया है। कई
कंपनियों ने इसको लागू भी कर दिया है।
सांइस अलर्ट वेबसाइट के अनुसार इसका मकसद है लोगों से कम समय में ज्यादा से ज्यादा काम लेना, जिससे की वे अपनी निजी जिंदगी भी जी सके। देश की बड़ी कार निर्माता कंपनी टोयटा ने य़े बदलाव 13 साल पहले किया था। जिसका फायदा भी देखने को मिला, लोगों खुशी से काम करने लगे, जिससे कंपनी का भी फायदा हुआ।
स्टोकहोल्म की एक एक एप डेवलेपर कंपनी फिलीमंडस पिछले साल 6 घंटे काम करने का प्रचलन लाई थी। फास्ट कंपनी के सीईओ ने कहा कि लोगों को लगता है आठ घंटे के काम से ज्यादा नतीजा निकलेगा, ऐसा नहीं है। एक ही काम पर आठ घंटे ध्यान लगाना कठिन चैलेंज होता है। लेकिन अब नए कार्यशैली के आने से लोग अपनी निजी जिंदगी भी जी सकेंगे, जो पहले बहुत कठिन था।
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