Latest News

भारत और जापान के बीच बुलेट ट्रेन डील, परमाणु समझौता भी हुआ

भारत और जापान के बीच बुलेट ट्रेन पर अहम समझौता हो चुका है। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। 98.13 हजार करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट के लिए जापान कुल लागत का 80 प्रतिशत
कर्ज देगा। इस कर्ज पर जापान बेहद सस्ती दरों पर ब्याज लेगा। ब्याज दर 0.1 प्रतिशत रखी गई है। वहीं जापान अब तक किसी भी देश को कर्ज 25 साल के लिए ही देता है, लेकिन भारत को इसके यह कर्ज 50 साल के लिए दिया है। 503 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद रूट पर 300 किमी की रफ्तार से बुलेट ट्रेन दौड़ाने की योजना है। बुलेट ट्रेन चलने पर मुंबई और अहमदाबाद के बीच 7 घंटे की दूरी महज 2 घंटे में पूरी की जा सकेगी।
इस अहम समझौते के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय रेलवे में इस ट्रेन से क्रांति आएगी। उन्होंने शिंजो के इस दौरे को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि जापान की तरह ही इस ट्रेन की स्पीड और सेफ्टी रहेगी। दोनों देशों के बीच 5 साल में 5 बिलियन डॉलर का निवेश होगा। वहीं भारत और जापान के बीच असैन्य परमाणु करार भी हुआ है। वहीं जापानी नागरिकों को मार्च 2016 से वीजा ऑन अराइवल की सुविधा भी दी जाएगी। उधर, जापान के प्रधानमंत्री शिंजों ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती प्रदान करेगा।
इससे पहले जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने शनिवार को बिजनेस लीडर्स फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। आबे ने कहा कि नीतियां लागू करने में प्रधानमंत्री मोदी की रफ्तार बुलट ट्रेन जैसी है। उन्होंने मोदी की आर्थिक नीतियों की तुलना शिंकानसेन से की, यानि हाई स्पीड, सुरक्षित, भरोसेमंद और बहुत से लोगों को साथ लेकर चलने वाली। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह मेक इंंडिया की सफलता है कि जापान हमसे पहली बार कार आयात करेगा। मोदी ने निवेशकों को भारत में ज्यादा से ज्यादा निवेस करने का भी न्यौता देते हुए कहा कि भारत संभावनाओं का देश है। उन्होंने कहा कि भारत को जापान से सिर्फ हाई स्पीड ट्रेन ही नहीं हाई स्पीड ग्रोथ भी चाहिए। मोदी ने भारत और जापान की दोस्ती का परिचय देते हुए कहा कि भारत के हर टर्निंग प्वॉइंट पर जापान उसके साथ खड़ा हुआ दिखाई देता है। वहीं शिंजो आबे ने कहा कि मजबूत भारत जापान के लिए भी अच्छा है।
आपको बता दें कि शनिवार को आबे मोदी के साथ वाराणसी में पवित्र नदी गंगा के दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती के मनमोहक आयोजन में शामिल होंगे। नदी में नौकाओं की मदद से एक भव्य अस्थाई मंच तैयार किया गया है, जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट की खास मंजूरी लेकर संगीत के लिए म्यूजिक सिस्टम भी लगाया गया है। सेना और नौसेना के कर्मी इस अस्थाई मंच की निगरानी करेंगे और यहीं से दोनों देशों के प्रमुख इस अद्भुत आयोजन के मनोरम दृश्य का आनंद ले सकेंगे।
प्राचीन मंदिरों का यह शहर बुद्ध की स्थली सारनाथ से 15 किलोमीटर से भी कम की दूरी पर स्थित है। सारनाथ में ही बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। जापान सहित अधिकतर दक्षिण पूर्व एशियाई देशों की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना में सारनाथ का खास महत्व है, जहां बौद्ध धर्मावलंबियों की संख्या अधिक है। शाम को वह दिल्ली वापस आ जाएंगे। मोदी की पिछली जापान यात्रा में आबे मोदी के साथ क्योटो शहर गऐ थे।
article source - patrika.com
Next PostNewer Post Previous PostOlder Post Home
Powered by Blogger.

About

Random Posts

Video of Day

News

Blogger templates

Lorem 1

Shooting

Racing

Lorem 4

Video of Day

Sponsor Advertisement

Join Us

Blogroll

Pages

Advertisement

Ads

Advertisement

Advertisement With Us

Technology

Month Popular News